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Archive for February, 2007

बहोत खूबसुरत है आंखें तुम्हारी…..

February 21, 2007 krunalc Leave a comment

“વધ” મૂવીમાં જગજીતસિંગની એક સરસ ગઝલ છે…  હ્રદયને સ્પર્શી જાય તે રીતે આંખોની સુંદરતાનું વર્ણન ગઝલમાં કર્યું છે.

बहोत खूबसुरत है आंखे तुम्हारी, बहोत खूबसुरत है आंखे तुम्हारी,
अगर हो इनायत, ए जान-ए-महोब्बत,
बना दीजिये इनको, किस्मत हमारी, 
बहोत खूबसुरत है आंखे तुम्हारी, ...........
 
जो सबसे जुदा है वो अंदाझ हो तुम,
छूपा था जो दिलमें वही राझ हो तुम, 
तुम्हारी नझाकत बनी जबसे चाहत, 
सुकुन बन गइ है हर एक बेकरारी,
बहोत खूबसुरत है आंखे तुम्हारी,.......
  

न था जब तलक तुम हमारी नजरमैं,
न था चांद शब मै, न सूरज शहरमै,
तुम्हारी इजाजत, तुम्हारी हुकुमत,
ये सारा गगन है, ये धरती है सारी
बहोत खूबसुरत है आंखे तुम्हारी,..........
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